उत्तर-जब कोई गोताखोर ऊँचाई से जल से भरे हुए में कूदता है, तो प्रारंभ में उसके हाथ-पैर फैले रहते हैं। हवा में वह अपने हाथ-पैर सिकोड़ लेता है जिससे घूर्णन अक्ष के सापेक्ष जड़त्व आघूर्ण कम हो जाता है। गोताखोर का कुल कोणीय संवेग L = Io संरक्षित रहता है, अतः I का मान कम होने के कारण o (कोणीय वेग) का मान बढ़ जाता है, जिससे वह घूर्णन अक्ष के परितः कलैया ले लेता है। पानी में गिरने से कुछ देर पहले पुनः अपना हाथ-पैर फैला लेता है जिससे जड़त्व आघूर्ण में वृद्धि होने के कारण का मान घट जाता है तथा पानी में सीधा कूदता है।
प्रश्न 19. क्या कारण है कि गोताखोर छलांग लगाते समय अपने शरीर को मोड़ लेता है | संपूर्ण उत्तर हिंदी में - STUDY ACTIVITY
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सोमवार, 28 मार्च 2022
प्रश्न 19. क्या कारण है कि गोताखोर छलांग लगाते समय अपने शरीर को मोड़ लेता है ?
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