वैद्युत संयोजी यौगिक ( आयनिक यौगिक ) के गुण निम्नलिखित है :-
1. वैद्युत संयोजी यौगिक
इसमें विपरीत आयनों के बीच स्थिर वैद्युत आकर्षण बल होता है। ये अधिक क्रियाशील होते हैं, अतः रासायनिक अभिक्रिया तीव्र गति से होती है।
2. जल में विलेय तथा कार्बनिक विलायकों में अविलेय होते हैं।
3. ये जल में विलेय होकर आयन बनाते हैं।
4. ये कठोर क्रिस्टलीय तथा भंगुर होते हैं।
5. इनके गलनांक एवं क्वथनांक उच्च होते हैं।
6. ये पिघली हुई अवस्था एवं जलीय विलयन में विद्युत् |
के सुचालक होते हैं।
7. ये यौगिक अदैशिक प्रकृति के होते हैं अतः
समावयवता प्रदर्शित नहीं करते हैं।
उदाहरण-NaCl, MgCl².
सहसंयोजी यौगिक के गुण निम्नलिखित हैं :-
1. परमाणुओं के बीच दुर्बल वाण्डरवाल बल (सहसंयोजी बंध) होता है। ये कम क्रियाशील होते हैं अत: अभिक्रिया मंद गति से होती है।
2. प्रायः जल में अविलेय तथा कार्बनिक विलायकों में विलेय होते हैं।
3. ये जल में आयन नहीं देते हैं।
4. ये अक्रिस्टलीय होते हैं।
5. इनके गलनांक एवं क्वथनांक निम्न होते हैं।
6. ये विद्युत् के कुचालक होते हैं।
7.ये यौगिक दैशिक प्रकृति के होते हैं अतः समावयवता
प्रदर्शित करते हैं
उदाहरण-CH, H,O, NH3.
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