उत्तर-एरिथ्रोसाइट का निर्माण लाल अस्थि मज्जा में होता है। एरिथ्रोसाइट के विकास के समय एक विशेष पदार्थ
का निर्माण होता है, जिसे हीमोग्लोबिन कहते हैं। इसमें ऑक्सीजन संवाहक क्षमता पायी जाती है। हीमोग्लोबिन में हीम एवं
ग्लोबिन प्रोटीन पाई जाती हैं। हीम में लौह तत्व पाया जाता है। एरिथ्रोसाइट की परिपक्व अवस्था में सभी कोशिकांग जैसे-
केन्द्रक, माइटोकॉण्ड्रिया, E.R. नष्ट हो जाते हैं एवं इनके स्थान पर हीमोग्लोबिन पाया जाता है। जब हीमोग्लोबिन में
अधिक आंशिक दाब होता है, तब चार ऑक्सीजन अणु चार फेरस आयनों के साथ मिलकर ऑक्सी- हीमोग्लोबिन का
निर्माण करते हैं। जब यह ऊतक में पहुँचता है, तो वहाँ पर कम आंशिक दाब होने के कारण इसका विघटन होता है और
O² ऊतकों में मुक्त हो जाती है। फेफड़ों से ऊतकों तक ऑक्सीहीमोग्लोबिन के रूप में 0² का परिवहन होता है एवं ऊतकों
से मुक्त CO² का परिवहन फेफड़ों तक होता है।
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