(b) उदाहरण द्वारा समझाइए कि अपकेन्द्र बल एक छद्म बल क्यों है ?
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उत्तर-कार में बैठा हुआ व्यक्ति किसी तीक्ष्ण मोड़ पर
एक ऐसे बल का अनुभव करता है जो उसे केन्द्र से दूर
फेंकने का प्रयास करता है। अत: उसका शरीर मोड़ के केन्द्र
दूर कार की दीवार की ओर झुक जाता है। वास्तव में,
मोड़ पर जब कार मुड़ती है, तो उसमें बैठा व्यक्ति वृत्तीय
गति कर रहा होता है। वृत्तीय गति करने के लिए अभिकेन्द्र
बल की आवश्यकता होती है जो उसे नहीं मिल रहा होता
है। अत: जड़त्व के कारण उसका शरीर सरल रेखा में चलता
रहता है, जिससे कार के मुड़ते समय व्यक्ति का शरीर
दीवार की ओर झुक जाता है और उसे ऐसा प्रतीत होता है।
मानो उस पर एक बल कार्य कर रहा है जो उसे मोड़ के के
केन्द्र से दूर ले जाने का प्रयास करता है। इसे अपकेन्द्र बल
कहते हैं। स्पष्ट है कि अपकेन्द्र बल एक छद्म बल
है ।
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