ओजोन छिद्र क्या है ? इसके प्रभाव लिखिए।
अंटार्कटिका में हेली के केन्द्र पर ओजोन परत की मोटाई 33% रह गई है इसे ही ओजोन छिद्र कहते हैं।
इस छिद्र के लिए CH, NO और CFCs जिम्मेदार हैं । CFCs गैस हैलोकार्बन वर्ग से संबंधित है। इनमें कार्बन और हैलोजन परमाणुओं वाली मानव निर्मित गैसों की श्रृंखला है। CFCs का उपयोग नोदक एयरोसॉल डिब्बों, एयर कंडीशनरों एवं फोम के निर्माण में हो रहा है। वायुमण्डल में CFCs के विघटन से क्लोरीन परमाणु बनते
हैं जो 03 के अणुओं को नष्ट करते हैं। 0, की परत का क्षय हो रहा है।
CF²Cl² → CF²Cl + Cl
Cl+0² > CO + O²
ClO +0 → Cl+0²
ओजोन छिद्र का प्रभाव-ओजोन परत की अनुपस्थिति में सूर्य से पराबैंगनी किरणें सीधी धरातल पर आ रही हैं जिससे कैंसर, मोतियाबिंद में वृद्धि हो रही है। मानव की प्रतिरोधक क्षमता कम हो रही है और न्यूक्लिक अम्ल भी प्रभावित हो रहा है। ये किरणें पौधों में प्रकाश संश्लेषण को भी प्रभावित करती हैं।
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