अनुलिपिकरण की क्रियाविधि समझाइए ।
अनुलिपिकरण की क्रियाविधि समझाइए ।
उत्तर – अनुलिपिकरण या प्रोटीन-संश्लेषण (Translation)-प्रोटीन-संश्लेषण के समय विभिन्न अमीनो अम्लों के अणु निश्चित संख्या में, एक निश्चित क्रम में विन्यासित होते हैं। DNA की पॉलिन्यूक्लियोटाइड श्रृंखला में न्यूक्लियोटाइडों का क्रम पॉलिपेप्टाइड शृंखला में अमीनो अम्ल के अनुक्रम को निर्धारित करता है। DNA के अनुलेखन द्वारा बने m RNA में स्थित तीन नाइट्रोजीनस क्षारों का अनुक्रम पॉलिपेप्टाइड श्रृंखला के एक विशिष्ट अमीनो अम्ल को कोडित करता है, इसे त्रिक कोड (Triplet code) कहते हैं। m-RNA में न्यूक्लियोटाइडों की श्रृंखला के अमीनो अम्लों की पॉलिपेप्टाइङ शृंखला में स्थानान्तरण को अनुलिपिकरण कहते हैं। यह क्रिया निम्नलिखित चरणों में पूरी होती है-(i) अमीनो अम्लों का कोशिकाद्रव्य में संक्रियण ।
(ii) सक्रिय अमीनो अम्लों का 1-RNA से जुड़ना। (iii) m-RNA का राइबोसोम से जुड़ना। (iv) पॉलिपेप्टाइड श्रृंखला का प्रारम्भन । (v) पॉलिपेप्टाइड श्रृंखला का दीर्घीकरण अर्थात् प्रोटीन का निर्माण। (vi) शृंखला समापन।
(vii) श्रृंखला का रूपान्तरण ।
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