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फोरेंसिक विज्ञान क्या है ? फोरेंसिक विज्ञान में DNA फिंगर प्रिंटिंग की विधि समझाइए। What is forensic science? Explain the method of DNA finger printing in forensic science. - STUDY ACTIVITY

फोरेंसिक विज्ञान क्या है ? फोरेंसिक विज्ञान में DNA फिंगर प्रिंटिंग की विधि समझाइए। What is forensic science? Explain the method of DNA finger printing in forensic science. - STUDY ACTIVITY
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गुरुवार, 28 अप्रैल 2022
फोरेंसिक विज्ञान क्या है ? फोरेंसिक विज्ञान में DNA फिंगर प्रिंटिंग की विधि समझाइए।


फोरेंसिक विज्ञान क्या है ? फोरेंसिक विज्ञान में DNA फिंगर प्रिंटिंग की विधि समझाइए।

STUDY ACTIVITY

उत्तर- फोरेंसिक विज्ञान-फोरेंसिक विज्ञान के अन्तर्गत अपराधों की विवेचना की जाती है। आज
जैव तकनीकी ने अपराधिक प्रकरणों के निपटारे में नये आयाम खोल दिये हैं। इनमें से DNA फिंगर प्रिंटिंग
सर्वाधिक महत्वपूर्ण तकनीक साबित हुई है। इसकी सहायता से अपराधी के रक्त, वीर्य, बाल आदि की विवेचना
करने के साथ-साथ सन्तानों के माता-पिता संबंधी विवादों को सुलझाने में अत्यधिक सहायता मिली है। इसी
कारण आज फोरेंसिक विज्ञान में इसका उपयोग व्यावसायिक विषय के रूप में होने लगा है।
DNA फिंगर प्रिंटिंग एवं उसकी उपयोगिता (DNA-finger printing and its applications) -
यह एक ऐसी तकनीक है जिसकी सहायता से व्यक्ति के DNA का प्रिंट तैयार किया जाता है। इस तकनीक में
व्यक्ति के DNA नमूनों का विश्लेषण किया जाता है।
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DNA फिंगर प्रिंटिंग की विधि - 1. इस तकनीक में सर्वप्रथम वांछित व्यक्ति के DNA का सैम्पल
प्राप्त किया जाता है। DNA का सैम्पल सामान्यत: रक्त से तैयार किया जाता है। वीर्य, अस्थि, मज्जा आदि से भी
DNA का सैम्पल तैयार किया जाता है। इस कार्य हेतु DNA की अल्प मात्रा की आवश्यकता होती है।
2. प्राप्त DNA सैम्पल को रिस्ट्रिक्शन एण्डोन्यूक्लिएज एन्जाइम से क्रिया कराकर जेल इलेक्ट्रोफोरेसिस
से DNA फिंगरप्रिंट तैयार किया जाता है
3. जेल से प्राप्त DNA को अब जेल से नाइट्रोसेल्युलोज फिल्टर मेम्ब्रेन में स्थानान्तरित किया जाता है।
इस फिल्टर को 80°C पर ओवन में रखा जाता है जिससे फिल्टर पेपर पर DNA का प्रोब बन जाता है। इन
DNA प्रोब्स को धोने के पश्चात् ऑटोरेडियोग्राफी द्वारा उसका विश्लेषण किया जाता है।
प्राप्त DNA बैण्ड को अपराधी के DNA फिंगर प्रिंट से मिलाया जाता है। यदि दोनों बैण्ड एकसमान
प्राप्त होते हैं तो इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि वास्तविक अपराधी यही है। इसी प्रकार की विवेचना संतानों
के माता-पिता के निर्धारण में भी किया जाता है। कोशिरा का निमाण
नया कोशिका द्वारा होता है
Admin

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