उत्तर-गैसों के अणुगतिक सिद्धान्त के प्रमुख अभिगृहीत निम्नलिखित हैं-
(1) प्रत्येक गैस सूक्ष्म कणों से मिलकर बनी होती है, जिन्हें अणु कहते हैं। (2) एक ही गैस के सभी अणु समान होते
हैं, लेकिन भिन्न-भिन्न गैसों के अणु भिन्न-भिन्न होते हैं। (3) साधारण दाब पर गैस के अणु इतने छोटे होते हैं कि उनका
वास्तविक आयतन गैस द्वारा घेरे गये कुल आयतन की तुलना में नगण्य होता है। (4) किसी गैस के अणु हमेशा तीव्र गति
से प्रत्येक दिशा में यादृच्छिक विभिन्न वेग से गतिशील रहते हैं। ये अणु हमेशा सीधी रेखा में गति करते हैं। परन्तु अन्य अणु
या पात्र की दीवार से टकराकर उनकी दिशा बदल जाती है। (5) अणुओं के मध्य संघट्ट पूर्णतः प्रत्यास्थ होते हैं इसलिये
टक्करों के पश्चात् अणुओं की ऊर्जा में कमी नहीं आती है। (6) गैस के अणुओं के मध्य आकर्षण बल नगण्य होता तथा
वह पूर्णतः प्रत्यास्थ पिंड होते हैं। (7) गैस का दाब गैस से अणुओं के आपस में तथा पात्र की दीवारों से टकराने पर उत्पन्न
होता है। (8) गैस के अणुओं की गति पर गुरुत्वाकर्षण बल का प्रभाव नगण्य होता है। (9) किसी गैस की गतिज ऊर्जा उसके
परम ताप के समानुपाती होती है।
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